उदयपुर में पूजनीया रासेश्वरी देवी के सान्निध्य में जन्माष्टमी महोत्सव २०२६
उदयपुर में जस्टाना राजपुताना रिज़ॉर्ट, हिरण मगरी में पूजनीया रासेश्वरी देवी के सान्निध्य में भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रीकृष्ण भक्तों ने भाग लिया और भक्ति, संगीत तथा आध्यात्मिक चिंतन में डूबे नजर आए।
कार्यक्रम की शुरुआत सायं 6 बजे भजन संकर्ट से हुई। मधुर भजनों के साथ पूरा वातावरण श्रीकृष्ण भक्ति में सराबोर हो गया और परिसर हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा।
इसके बाद पूजनीया रासेश्वरी देवी ने "श्रीकृष्ण तत्व" पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण अनंत गुणों से युक्त हैं और विरोधाभासों की खान हैं — अजन्मा होते हुए भी अवतार लेते हैं, पूर्ण और स्वतंत्र होते हुए भी गोपियों के प्रेमपूर्ण इशारों पर नाचते हैं तथा भक्तों के प्रेम से बंध जाते हैं।
तत्पश्चात दिव्य रासलीला की प्रस्तुति हुई, जिसमें राधा-कृष्ण के मधुर प्रेम का सजीव दर्शन कराया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
मध्यरात्रि के निकट आते ही बाल गोपाल के प्राकट्य की प्रतीक्षा बढ़ने लगी। संकीर्तन के बीच जैसे ही यह पावन क्षण आया, पूरा पंडाल जयघोष से गूंज उठा।
पूजनीया रासेश्वरी देवी ने बाल गोपाल का अभिषेक किया, जिसके पश्चात भक्तजन हर्षोल्लास के साथ नृत्य और कीर्तन में सम्मिलित हुए। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
इस जन्माष्टमी महोत्सव ने एक बार फिर उदयपुर की गहरी आध्यात्मिक जड़ों और भक्तों की श्रीकृष्ण भक्ति को दर्शाया।






















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